Trading Account क्‍या है।

What is Trading Account

प्रत्यक्ष (Direct) लाभ व हानि को निर्धारित करने के लिए जो लेखा तैयार किया जाता है। उसे Trading Account (व्यापार खाता) कहा जाता है।
एक निश्चित समय के अंतगर्त व्यापार से होने वाले (Gross profit) सकल लाभ या (Gross loss) सकल हानि की जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यापारी जो खाता तैयार करता है, उसे व्यापार खाता या व्यापारिक खाता (Trading Account) कहते हैं।
इस तरह व्यापारिक खाते का आशय एक ऐसे खाते से है जिससे माल के क्रय-विक्रय के द्वारा Gross profit या loss का पता चलता है। व्यापारिक खाता को माल खाता भी कहा जा सकता है क्योंकि इसमें केवल माल संबंधी लेन-देनों का लेखा किया जाता है।

व्यापार खाते (Trading Account)का महत्व/लाभ निम्नलिखित हैं :

  • यह Gross profit और Gross loss की सूचना प्रदान करता है।
  • व्यापर खाता शुद्ध क्रय तथा रहतिये की सूचना प्रदान करता है।
  • व्यापार खाते से क्रय तथा प्रत्यक्ष व्ययों के बीच संबंध का निर्धारण किया जा सकता हैं।
  • यह प्रत्यक्ष व्यय तथा सकल लाभ के अनुपात के निर्धारण में सहायता प्रदान करता है।
  • व्यापार खाते से बेचे गए माल की लागत की गणना की जा सकती हैं।
  • सकल लाभ का प्रतिशत व्यापार के काम-काज की सफलता के मूल्यांकन तथा तुलनात्मक अध्ययन में मदद करता हैं।

Trading Account में Debit तरफ निम्नलिखित मदों को लिखा जाता है :-

  1. Opening Stock (प्रारंभिक रहतिया) – वर्ष के शुरू में जो वस्तुएं बची होती है उसे Opening Stock कहा जाता है।
  2. Purchase (क्रय) – व्यवसाय करने के लिए जो वस्तुएँ खरीदी जाती है उसे Purchase (क्रय) कहते हैं। Purchase में से Purchase Return को घटा लिया जाता है।
  3. Cost Of Purchase (खरीद की लागत) – वस्तु खरीद कर लाने मे जो खर्च होता है, उसे Cost Of Purchase कहा जाता है।
    Cost Of Purchase में निम्नलिखित खर्चों को शामिल किया जा सकता है :
  1. Coolie Charges (कुली खर्च)
  2. Freight (भारा)
  3. Carriage (भाड़ा या ढुलाई)
  4. Octroi Duty (चुंगी कर )
  5. Import Tax (आयत कर)

4. Cost Of Production (उत्पादन की लागत) : वस्तु का उत्पादन करने में जो खर्च होता है उसे Cost Of Production कहा जाता है।
Cost Of Production में निम्नलिखित खर्चों को शामिल किया जा सकता है।

  1. Wages (मजदूरी)
  2. Factory Rent (कारखाना का किराया )
  3. Factory Lighting (कारखाना का रोशनी)
  4. Factory Insurance (कारखाना का बीमा )
  5. Fuel (ईंधन)
  6. Power (शक्ति)
  7. Coal (कोयला)
  8. Gas ( गैस)
  9. Water ( पानी)
  10. Manufacturing (निर्माण व्यय)
  11. Excise Duty (उत्पादन कर)

Trading Account में Credit तरफ निम्नलिखित मदों को लिखा जाता है :-

  1. Sales (विक्रय) – जिस वस्तु का व्यवसाय किया जाता है। उसे बेचे जाने को Sales कहाँ जाता है। Sales में से Sales Return को घटा लिया जाता है।
  2. Closing Stock (अंतिम रहतिया) – वर्ष के अंत में जो वस्तुएँ बची होती है उसे Closing Stock कहा जाता है।

Important Notes

  • Trading Account में Credit तरफ कम होने पर Loss होती है ओर Debit तरफ कम होने पर Profit होता है।
  • लाभ को Gross Profit हानि को Gross Loss के नाम से जाना जाता है।

NOTE:- आपको ये पोस्ट कैसी लगी आप हमें कमेंट के माध्यम से अवश्य बतायें। हमें आपके कमेंट्स का बेसब्री से इन्तजार रहेगा है। अगर आपका कोई सवाल या कोई suggestions है तो हमें बतायें, और हाँ पोस्ट शेयर जरूर करें।

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